Indicators on 2️⃣ Court Case & Legal Matter You Should Know
नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
इसमें पहले कलश को Karm shuddhi गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।
कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।